Breaking News
Home / Uttarakhand News / UKSSSC: इंटरमीडिएट भर्ती परीक्षा में 33 अंक, एक माह बाद स्नातक स्तरीय एक्जाम में 89 नंबर के साथ टॉपर! 

UKSSSC: इंटरमीडिएट भर्ती परीक्षा में 33 अंक, एक माह बाद स्नातक स्तरीय एक्जाम में 89 नंबर के साथ टॉपर! 

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का टॉपर भी संदेह के दायरे में आ गया है। इसके अलावा पुलिस जांच  में अभी 17 संदिग्ध ही सामने  आए हैं।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का टॉपर भी संदेह के दायरे में आ गया है। एक माह पूर्व आयोजित इंटरमीडिएट स्तर की भर्ती परीक्षा में टॉपर के 33 अंक ही आए थे, जबकि इससे कठिन स्नातक स्तरीय भर्ती में उसने टॉप कर दिया।  इसके अलावा पुलिस जांच में अभी 17 संदिग्ध ही सामने  आए हैं, लेकिन आयोग की तरफ से कम से कम 60 युवाओं का चयन संदेह के घेरे में है।

पुरानी परीक्षाओं से संदिग्धों की पहचान : पुलिस जांच के साथ ही इस प्रकरण में आयोग भी अपनी पुरानी परीक्षाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान की है। सूत्रों के अनुसार स्नातक स्तरीय परीक्षा के टॉपर ने 31 अक्तूबर को आयोजित इंटरमीडिएट स्तर परीक्षा में महज 33 अंक प्राप्त किए थे। जबकि चार-पांच दिसंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में उसने 89.14 अंक हासिल कर टॉप कर दिया। जबकि वो महज दूसरी बार ही आयोग की किसी परीक्षा में बैठा था।  

पांच साल में एक भी परीक्षा नहीं देने वाले भी चुने गए : इसके अलावा आयोग ने ऐसे कुल साठ संदिग्धों की भी पहचान की जिन्होंने बीते पांच साल से आयोग की एक भी परीक्षा नहीं दी और इस परीक्षा में वो अच्छे अंक जुटाकर पास हुए हैं। इसमें एक युवक लंबे समय से गांव में पंडिताई का काम रहा था।

इसके अलावा 22 अन्य ऐसे युवा भी सफल हुए हैं जिन्होंने  पहली बार आयोग की परीक्षा दी है, हालांकि उक्त सभी लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके चलते आयोग उन्हें संदेह से बाहर रख  रहा है। पुलिस जांच में अभी उन 17 नामों पर ही फोकस किया जा  रहा है, जिनकी मौजूदगी परीक्षा  की पहली रात रामनगर में थी।  लेकिन देर सबेर अन्य पर भी आंच आनी तय है। 

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इस मामले में आंतरिक जांच की है। इस दौरान सफल अभ्यर्थियों के अंकों का मिलान पिछली छह-सात परीक्षाओं में आए अंकों से किया गया। इसमें साठ युवा ऐसे मिले, जिन्होंने बीते पांच साल से आयोग की कोई परीक्षा नहीं दी। कुछ का प्रदर्शन पिछली परीक्षाओं के मुकाबले अचानक सुधरा हुआ नजर आ रहा है। टॉपर का प्रदर्शन भी अक्तूबर में आयोजित परीक्षा में बहुत खराब था। यह असामान्य ट्रेंड है। हमने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान भी कुछ युवाओं से पूछताछ की गई है। 

 

Check Also

Uttarakhand@25: आज से चार दिन मसूरी में चिंतन करेगी धामी सरकार, विकास का रोडमैप होगा तैयार

चिंतन शिविर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में होगा। शिविर में सीएम …