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गर्मी में पेयजल संकट! सीएम पुष्कर सिंह धामी की दो टूक, गर्मियों में न हो पानी की कमी

गर्मियों में पानी का संकट न हो, इसके लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को दो टूक निर्देश दिए। कहा कि गर्मियों में ही असल चुनौती है। इससे निपटने को सभी पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएं। सचिवालय में मंगलवार को समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि
गर्मियों में प्रदेश के किसी भी जिले में पेयजल की कमी न हो।

इसके लिए उपलब्ध साधनों के साथ ही शीघ्र ही प्रत्येक जनपद को दो-दो वाटर टेंकर उपलब्ध कराये जाएं। गर्मियों में पेयजल समस्या का समाधान एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कार्य योजना बनाई जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग की दिशा में कार्य किये जाएं।

इसे वर्क कल्चर में लाना जरूरी है। जल संचय की दिशा में सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। इसमें जन सहयोग भी जरूरी है। बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव नितेश झा, अपर सचिव नितिन भदौरिया, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, उदयराज, एसके शर्मा, एससी पंत आदि मौजूद रहे। 

जो विभाग पेड़ लगाएगा, उसके सरंक्षण की भी जिम्मेदारी उसकी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिस भी विभाग द्वारा वृक्षारोपण करवाया जाता है, उन वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्द्धन की पूरी जिम्मेदारी भी संबधित विभागों की होगी। इसी तरह नलकूप एवं हैण्डपम्प जिस भी विभाग या संस्था द्वारा लगाये जा रहे हैं, उनके मेंटिनेंस के लिए उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाए।  

जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट को लेकर अभियान चलाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जल जीवन मिशन के कार्यों में और तेजी लाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जल जीवन मिशन के तहत जिन घरों में नल लग चुका है, उनमें शुद्ध गुणवत्ता युक्त पेयजल उपलब्ध हो। हर घर नल, हर घर जल पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाय। पेयजल की उपलब्धता के लिए जो व्यावहारिक दिक्कते आ रही हैं, उनका शीघ्रता से समाधान किया जाए। 

चारधाम यात्रा रूट पर पेयजल के हों पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति के लिए सुनियोजित व्यवस्था की जाय। चारधाम यात्रा मार्गों पर उच्च गुणवत्ता के 500 वाटर एटीएम लगाये जाएं। वाटर एटीएम के साथ पानी की गुणवत्ता को भी डिस्प्ले किया जाए। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि यात्रा मार्गों पर सुलभ शौचालयों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता रहे। 

दिसंबर 2023 तक हर घर जल
सचिव पेयजल नितेश कुमार झा ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत कार्य प्रगति में उत्तराखण्ड देश में छठवें स्थान पर है। जल जीवन मिशन के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों को शत प्रतिशत कवर कर लिया गया है। जल जीवन मिशन ग्रामीण के तहत राज्य के 62 प्रतिशत कनेक्शन दिये जा चुके हैं।

दिसम्बर 2023 तक इसे शत प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। नाबार्ड फंड की 280 योजनाओं में से 244 पूर्ण हो चुकी है, शेष 36 इस साल पूरी हो जायेगी। नमामि गंगे की 23 योजनाओं में से 19 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 04 पर कार्य प्रगति पर है। पिछले 05 वर्षों में मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत 336 घोषणाओं में से 293 के शासनादेश हो चुके हैं। जिसमें से 133 पूर्ण हो चुकी हैं। 160 पर पर कार्य प्रगति पर है।

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