ओटीटी प्लेटफॉर्म को खतरा मानते हैं सुधीर बाबू, कहा- कमाई पर पड़ता है असर, अपनी ओर से दिया सुझाव

Uttarakhand

अपनी नई फिल्म ‘हरोम हारा’ के प्रचार के दौरान अभिनेता सुधीर बाबू ने ओटीटी प्लेटफॉर्म को लेकर चिंता जताई हैं। सुधीर ने कहा कि ओटीटी की वजह से फिल्मों की थिएटर में होने वाली कमाई पर असर पड़ता है।

दक्षिण भारतीय अभिनेता सुधीर बाबू जल्द ही ‘हरोम हारा’ फिल्म में नजर आने वाले हैं। फिल्म को रिलीज होने में केवल एक दिन बचा है। इसे 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। पिछले कई दिनों से सुधीर बाबू इसके प्रचार में जुटे हुए हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने एक प्रचार कार्यक्रम में ओटीटी प्लेटफॉर्म को लेकर खुलकर अपनी राय रखी।

कमाई पर पड़ रहा है असर
तेलुगु 123 वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, सुधीर बाबू ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी चिंता जाहिर की है। वो ओटीटी को फिल्म इंडस्ट्री के लिए खतरे के तौर पर देखते हैं। सुधीर बाबू का मानना है कि ओटीटी की वजह से फिल्मों की थिएटर में होने वाली कमाई पर असर पड़ता है। इसलिए इस दिशा में कुछ नियम लागू करने चाहिए।

ओटीटी से निर्माताओं को मिल रही अच्छी डील
सुधीर बाबू ने कहा कि थिएटर में फिल्मों को ज्यादा दिनों तक चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म की ओर से फिल्म निर्माताओं को अच्छी डील मिल जाती है। इसके चलते बहुत कम समय में ही फिल्में ओटीटी पर रिलीज हो जाती है। उन्होंने कहा कि कुछ फिल्मों के साथ तो ऐसा होता है कि महज दो या तीन हफ्तों के बाद ही वो ओटीटी पर आ जाती हैं। 

सुधीर ने दिया यह सुझाव
सुधीर ने आगे कहा कि इस बात को समझना चाहिए कि यह एक खेल की तरह है। आने वाले दिनों में ओटीटी प्लेटफॉर्म अपनी शर्तें तय कर सकते हैं। सुधीर ने थोड़े समय के लिए होने वाले मुनाफे के बारे में सोचने से भविष्य में होने वाले नुकसान की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता रहा तो भविष्य में फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज ही नहीं होंगी। सुधीर ने अपनी ओर से सुझाव देते हुए कहा कि थिएटर रिलीज और ओटीटी रिलीज के बीच 40 से 50 दिनों का अंतर होना चाहिए।